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तेरी जुल्फों के बिखरने का सबब है कोई._

आँख कहती है तेरे दिल में तलब है कोई.....!!

 

 

 

तेरी खामोशी पर तो फ़िदा है ही हम,

कुछ कह दो तो शायद फ़ना ही हो जाए..

 

 

जो लोग दिल के करीब होते हैं,

अक्सर वो हमसे बहुत दूर होते हैं....

 

 

लगता है मेरा इरादा भी हौले हौले बदलने लगा है

उसकी मुस्कान पर जो अब दिल मचलने लगा है..।।

 

 

 

रूह ने इश्क़ का फ़रेब दिया

जिस्म को जिस्म की अदावत में...!!

#जौन_एलिया

 

 

बदली सी अपनी आँखों में छाई हुई सी है,,

भूली हुई सी याद फिर आई हुई सी है,,,

 

 

तुमने देखे हैं कभी दर्द को सहते हुए लोग...

भीगी हुई आँखों से ""सब अच्छा है'" कहते हुए लोग...

 

 

सारी उम्र करके बरबाद इश्क़ की लज़्जत चख ली !

उसने भी साड़ी पहन लिया हमने भी दाढ़ी रख ली..!!

 

 

 तूं एक कीमती खिलौना और

मैं एक गरीब बच्चा,

उम्र भर हसरत ही रहेगी

तुझे पाने की..............!!!!

 

 

तुझे ख़्वाबों🙈 में पाकर*

*दिल 💘का क़रार

खो ही जाता है*

मैं जितना भी रोकूँ ख़ुद को,

*तुझसे प्यार👩‍️‍💋‍👨

हो ही जाता है !!💘*

 

 

अब के मिला खुदा तो पूछुंगी उनसे...

क्या माँगते है वो....

जिनकी मोहब्बत की दुआ तुम कबूल करते हो..!!

 

 

मेरा झुकना और मोहब्बत में तेरा ख़ुदा हो जाना,

यार अच्छा नहीं इतना मोहब्बत में बड़ा हो जाना..

 

 

ये जाते हुए दिसम्बर की तरह ...

चाहो तो बिछड़कर देख लो मुझसे .....

बशर्ते लौट आओगे ....

बेकरार  सी उस जनवरी की तरह ...

 

 

अब तक ना समझ पाए हम इश्क़ का मतलब...

मतलब से इश्क़ है या है इश्क़ से मतलब...

 

 

हल्की सी बारिश......मस्त हवा और ....उसकी याद .

दिसम्बर तु तो बड़ा जालिम निकला... !!

 

 

किसी ख्वाब सा है वो...

ना आँखों से दूर जाता है....

ना हकीकत बन कर गले से लगाता है..!!

 

 

इंतजार भी है उमीद भी है वफा है

बस तुमझे मिलने का नसिब नहीं..!

 

 

रोज़ तेरा इंतज़ार होता है, रोज़ ये दिल बेक़रार होता है,

काश तुम ये समझ सकते की,

चुप रहने वालों को भी किसी से प्यार होता है..

 

 

कभी इश्क, कभी हुकूमत का दर्द मिलता है,

मेरा जिस्म, अब दर्द का आशियाना बन चुका...

 

 

होठों  पे  वही  ख़्वाहिशें, आँखों  में  हसीन अफ़साने हैं...

तू अब भी एक मदहोश गज़ल, हम अब भी तेरे दीवाने हैं...

 

 

शहर के शहर बंद हैं,  हर गली में नाकाबंदी है,

तुम पता नहीं किन रास्तों से, चले आते हो मेरे ख्यालों में !!

 

 

ना चाहकर भी मेरे लब पर ये फरियाद जाती है,

चाँद समाने किसी की याद जाती है..!!

 

 

मौसम सर्द ही सही

पर तेरे ख्याल से हम आज भी पिघल जाते हैं

 

 

ना शिकवा ना शिकायत ना

अब कोई मलाल रहा ,

सितम उसके भी कमाल के रहे

सब्र मेरा भी बेमिसाल रहा।

 

 

सोचते थे मिलेगा सुकून दिल उनसे मिलकर,

पर दर्द और बढ़ जाता है उन्हें देखने के बाद।

 

 

लफ्जों से इतना आशिकाना ठीक नहीं है ज़नाब,

किसी के दिल के पार हुए तो इल्जाम क़त्ल का लगेगा।❜❜

 

 

तेरे ही ख्याल पे खत्म होगा ये साल🦋💞

तेरी ही ख्वाहिश से शुरू होगा नया साल💞🦋

 

 

कैसे मान लेता मजबूर थी तुम,,

मेहंदी तो तुम्हारे पसंद की लगी थी हाथों पे....!!!

 

 

ज़्यादा कुछ नहींतुमसे दूर होके बस

मैंने चाही है एक झपकी नींद

 

 

वो फिसले, गिरे और बिखर गए !!

अश्क इंतज़ार थे, सब कह गए !!

 

 

इश्क़ क्या ले लेता है...ये वो राधा ही जानती है,

जिसने अपना कृष्ण दे दिया ज़माने के लिए

 

 

तुम्हारा दिया हुआ इंतज़ार तुम्हें सौंप जायेंगे,

हम चले जायेंगे तुम्हें इंतज़ार में छोड़ कर।

 

 

"तलाश जारी रखो तुम एक __बेहतरीन हमसफ़र की"

"हम भी दुआ करते हैं इस बार कोई तुम्हें तुमसा ही मिले"

 

 

अब जो रूठे तो हार जाओगे सनम,

हम मनाने का हुनर खो बैठे है..

 

 

तुम्हारे ख़्याल से ही दिल खुश हो जाता है ,

अगर ज़िन्दगी में होते तो कुछ और बात होती ....!!!

 

 

बस नाम लिखने की इजाजत नहीं मिली..!

बाकी हम सब कुछ तो उन्ही पर लिखते है..!!

 

 

*खुद भी उदास रहता है मुझसे खफा होकर,*

इस  तरह  भी   वो  शख्स   मुझे  चाहता  है।

 

 

इश्क़  भी चाहते हो और सुकून भी चाहते हो..

गजब करते हो यार बीज  की रात में चाँद चाहते हो...

 

 

समय दिया करें अपने रिश्तों को,

ताजमहल लोगों ने देखा मुमताज ने नहीं।

 

 

जब मेरे शब्द मौन हो जाए

समझ लेना तुमने मुझे खो दिया।।🌹👫

 

 

वो जो अभी मसरूफ़ हैं,, गैरों संग रिश्ते बनाने मे ,💕

उन्हें बताओ ज़िंदगी लग जाएगी,हम जैसा कोई पाने में..

 

 

देख मेरी आँखों के ये भीगे हुए मौसम

ये किसने कह दिया कि तुझे भूल गए हैं हम

उजड़ जाते है सर से पांव तक "वो लोग"

जो किसी "बेपरवाह" से "बे-पनाह" मुहब्बत करते हैं ||

 

 

तेरे नाम की लकीर है ही नहीं मेरे हाथों में |

कई दफ़ा इन को काट के देख लिया है मैंने ||

 

 

मोहब्बत तो सिर्फ कहानियों में होती है,

हम ही नादान थे जो सच में ढूंढने निकले थे.

 

 

दिल भी तूने बनाया नसीब भी तूने बनाया खुदा,

फिर क्यू नसीब में वो नहीं  जो दिल में बसाया है !!

 

 

मोहब्बत रही चार दिन ज़िन्दगी में..

रहा चार दिन का असर जिंदगी भर।।

 

 

बस नही पाया कोई तुम्हारे बाद,

ले सकते हो तुम मेरी रूह की तलाशी..!!!

 

 

कभी वो शख्स था हम थे और इतनी बाते थी,

और अब वो शख्स है ,हम है और एक खामोशी है....

 

 

सांसे तो रोक लूं अपनी ये तो मेरे बस में हैं.…

यादें कैसे रोकूं तेरी तु मेरी नस_ नस में है....️😎

 

 

बिखर गये हैं ख्वाब मगर यादें रह गयी हैं!

जिन्दगी में दर्द की फरियादें रह गयी हैं

आँखें भी थक गयी हैं तेरे इंतजार में,

दिल में तमन्नाओं की मुरादें रह गयी हैं!..

 

 

उसने ज़बान बदल दी है चेहरे की शायद,

नज़र आता है मगर पढ़ा नहीं जाता मुझसे

 

"वक़्त"..."उसके"..."साथ" बिताओ.....

"जिसके" साथ..."वक़्त" का...पता "ना" चले.....

 

 

क्या पता क्या खूबी है उनमे और क्या कमी है हम में,

वो हमे अपना नही सकते और हम उन्हे भुला नही सकते !!

 

 

भूलकर भी मुसीबत में पड़ना कभी,

खामखां, अपने और परायो की पहचान हो जाएगी.

 

 

उसके सीने से लग कर कई दफ़ा,

मैने उसको बताया बहोत बुरे हो तुम.....

 

 

उनसे मोहब्बत भी है और शिकायतें भी...

खास है वो शख़्श ...

जो मेरी आदत भी है इबादत भी...!

 

 

 

कमबख्त दिल तैयार ही नहीं तुम्हें भूलने के लिए........

मैं इसके हाथ जोड़ता हूँ ये मेरे पैर पड़ जाता है........🏻

 

 

जो रिश्ता हमे रुला दे,

उससे गहरा कोई और रिश्ता नही...!!

जो रिश्ता हमको रोते हुए छोड़ दे,

उससे कमजोर कोई और रिश्ता नहीं...!!

 

 

 

कब साथ निभाते है लोग

आंसुओ की तरह बदल जाते है लोग

वो जमाना ओर था,लोग रोते थे गेरो के लिए,

आज तो अपनों को रुलाकर,

मुस्कराते है लोग

 

 

ठीक हूं’, यह तो परायों से भी कह सकते हैं.

परपरेशान हूंये कहने के लिए कोई अपना चाहिए.”

 

 

तुमने ही सवार किया था मुझे,मोहब्बत की कश्ती पर,

अब नजरे ना चुराओ,मुझे डूबता हुआ देखकर...

 

 

तक़दीर का ही खेल है सब,

पर ख़्वाहिशें है की समझती ही नहीं,,,,

 

 

मैं कील था टिका रहा....

वो कैलेंडर थी बदल गई...

 

 

 पहले तराशा काँच से उस ने मेरा वजूद,,,

                   फिर

शहर भर के हाथ में पत्थर थमा दिए!!!

 


1 comment:

Mona Hossain said...

wow kya syari hay dil khus ho gaya

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